shikasta-dil sajaaya ja raha hai | शिकस्ता-दिल सजाया जा रहा है

  - Amit Bajaj
शिकस्ता-दिलसजायाजारहाहै
लहूसेगुलबनायाजारहाहै
हैसीलीमिट्टीकीख़ुशबूफ़ज़ामें
हमारादिलजलायाजारहाहै
नहींरहनामुझेअपनोंकेदिलमें
बड़ाभारीकिरायाजारहाहै
मोहब्बतकोहमअपनाफ़र्ज़समझे
हमेंफ़र्ज़ीबतायाजारहाहै
ख़ुदा-ए-इश्क़कामेआ'रअलगथा
सोख़ुदकोफिरबनायाजारहाहै
मिलेथेचंदजीनेकेबहाने
बहानोंकोनिभायाजारहाहै
  - Amit Bajaj
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy