vahii safar jo pas-e-kaarwaan nahin hota | वही सफ़र जो पस-ए-कारवाँ नहीं होता

  - Amit Bajaj
वहीसफ़रजोपस-ए-कारवाँनहींहोता
मिरासफ़रहैकभीराएगाँनहींहोता
मैंचाहताहूँकिअरमानदस्तरसमेंरहें
मुझेपताहैकिबामआसमाँनहींहोता
हज़ारचीख़ोंमेंसुनताहूँउसकीख़ामोशी
कोईभीज़ख़्मकभीबे-ज़बाँनहींहोता
अगरवोदरियातिरेशहरसगुज़रतानहीं
रवाँतोहोतापरइतनारवाँनहींहोता
मैंऐसेजलताहूँजैसेकिबुझरहाहोकोई
तूऐसीआगहैजिसकाधुआँनहींहोता
  - Amit Bajaj
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