सुनेंबहारकीरंगीं-बयानियाँक्याक्या
कहींतबस्सुम-ए-गुलनेकहानियाँक्याक्या
दयाजवाबनकुछमुस्कुराकेरहगएफूल
ज़बान-ए-ख़ारनेकींबद-ज़बानियाँक्याक्या
बढ़ाननाक़ा-ए-लैलाबग़ैरनाला-ए-क़ैस
हुनरदिखातीरहींसारबानियाँक्याक्या
मिज़ाज-ए-संगनपिघलाकिथानसोज़-ए-कलीम
असापटकतीरहींक़हर-मानियाँक्याक्या
ज़बान-ए-अक़्लपेकुछहैज़बान-ए-इश्क़पेकुछ
तिरेसुकूतसेनिकलींकहानियाँक्याक्या
नदेताहुस्नअगरदिलकोइश्क़काशो'ला
ख़ुदअपनीआगमेंजलतींजवानियाँक्याक्या
मिज़ाज-ए-इश्क़नेपकड़ानए'तिबारकारंग
शरीक-ए-वहमरहींख़ुश-गुमानियाँक्याक्या
जरसभीचुपरहाटूटीनकारवाँकीभीनींद
सुकूत-ए-दश्तनेकींनौहा-ख़्वानियाँक्याक्या
पुकारतीहै'रज़ा'गर्द-ए-कारवाँलेकिन
बनीहैंबार-ए-सफ़रसरगिरानियाँक्याक्या