yuñ vafaa aazmaai jaati hai | यूँँ वफ़ा आज़माई जाती है

  - Ameer Raza Mazhari
यूँँवफ़ाआज़माईजातीहै
दिलकीरगरगदिखाईजातीहै
अपनीसूरतकेआइनेमेंमुझे
मेरीसूरतदिखाईजातीहै
एकहल्कीसीमुस्कुराहटसे
नईदुनियाबनाईजातीहै
बनेबातकुछतोहँसदेना
बातयूँँभीबनाईजातीहै
जलनेवालाजलेधुआँभीहो
आगयूँँभीलगाईजातीहै
जानेवालेतुझेख़बरभीहै
इकक़यामतसीआईजातीहै
चश्म-ए-उम्मीदतुझकोउसकीशक्ल
दूरसेफिरदिखाईजातीहै
दिलकीछोटीसीइककहानीथी
ख़त्मपरवोभीआईजातीहै
वोजोचमकाथाइकसितारासा
इकघटाउसपेछाईजातीहै
दिलपेउभरीथीवोजोइकतस्वीर
कितनीजल्दीमिटाईजातीहै
लौलगाईथीशम-ए-महफ़िलसे
वोभीअबझिलमिलाईजातीहै
दूसरोंसे'रज़ा'किसीकीयाद
किसतरहसेभुलाईजातीहै
  - Ameer Raza Mazhari
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