soz-e-dil sham-e-tapaan ho jaise | सोज़-ए-दिल शम-ए-तपाँ हो जैसे

  - Ameer Raza Mazhari
सोज़-ए-दिलशम-ए-तपाँहोजैसे
आगचूल्हेमेंनिहाँहोजैसे
कैसीअफ़्सुर्दाबहारआईहै
अबभीगुलशनमेंख़िज़ाँहोजैसे
मुझपेमहफ़िलमेंतबस्सुमकीनज़र
ब-तुफ़ैल-ए-दिगराँहोजैसे
आपकीचश्म-ए-इनायतकायक़ीं
दिल-फ़रेबएकगुमाँहोजैसे
यूँँवोसुनतेहैंकहानीमेरी
इकहदीस-ए-दिगराँहोजैसे
चौंकउठेहमतोक़यामतहोगी
ज़िंदगीख़्वाब-ए-गिराँहोजैसे
दिलसेइकआहतोनिकलीथीमगर
शम-ए-कुश्ताकाधुआँहोजैसे
सामनेउनकेयेआलमहै'रज़ा'
एकआलमनिगराँहोजैसे
  - Ameer Raza Mazhari
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