ya-rab shab-e-visaal ye kaisa gajr baja | या-रब शब-ए-विसाल ये कैसा गजर बजा

  - Ameer Minai
या-रबशब-ए-विसालयेकैसागजरबजा
अगलेपहरकेसाथहीपिछ्लापहरबजा
आवाज़-ए-सूरसुनकेकहादिलनेक़ब्रमें
किसकीबरातआईयेबाजाकिधरबजा
कहतेहैंआसमाँजोतुम्हारेमकाँकोहम
कहताहैआफ़्ताबदुरुस्तऔरक़मरबजा
जागोनहींयेख़्वाबकामौक़ामुसाफ़िरो
नक़्क़ारातकभीकोचकावक़्त-ए-सहरबजा
तामीरमक़बरेकीहैलाज़िमबजाए-क़स्र
ज़र-दारोंसेकहोकिकरेंसर्फ़-ए-ज़रबजा
हैंहमतोशादमाँकिहैख़तमेंपयाम-ए-वस्ल
बग़लेंख़ुशीसेतूभीतोनामा-बरबजा
तुझकोनहींजोउनसेमोहब्बतकहाँमुझे
तालीएकहाथसेबे-ख़बरबजा
नफ़रतहैयेख़ुशीसेकिअश्कअपनेगिरपड़े
हम-राहताज़ियाकेभीबाजाअगरबजा
जा-ए-क़याममंज़िल-ए-हस्तीथी'अमीर'
उतरेथेहमसिरामेंकिकोस-ए-सफ़रबजा
  - Ameer Minai
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