phoolon men agar hai boo tumhaari | फूलों में अगर है बू तुम्हारी

  - Ameer Minai
फूलोंमेंअगरहैबूतुम्हारी
काँटोंमेंभीहोगीख़ूतुम्हारी
उसदिलपेहज़ारजानसदक़े
जिसदिलमेंहैआरज़ूतुम्हारी
दोदिनमेंगुलूबहारक्याकी
रंगतवोरहीबूतुम्हारी
चटकाजोचमनमेंग़ुंचा-ए-गुल
बूदेगईगुफ़्तुगूतुम्हारी
मुश्ताक़सेदूरभागतीहै
इतनीहैअजलमेंख़ूतुम्हारी
गर्दिशसेहैमहर-ओ-महकेसाबित
उनकोभीहैजुस्तुजूतुम्हारी
आँखोंसेकहोकमीकरना
अश्कोंसेहैआबरूतुम्हारी
लोसर्दहुआमैंनीम-बिस्मिल
पूरीहुईआरज़ूतुम्हारी
सबकहतेहैंजिसकोलैलतुल-क़द्र
हैकाकुल-ए-मुश्क-बूतुम्हारी
तन्हाफिरो'अमीर'शबको
हैघातमेंहरअदूतुम्हारी
  - Ameer Minai
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