us ki hasrat hai jise dil se mita bhi na sakoon | उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ

  - Ameer Minai
उसकीहसरतहैजिसेदिलसेमिटाभीसकूँ
ढूँडनेउसकोचलाहूँजिसेपाभीसकूँ
डालकेख़ाकमेरेख़ूनपेक़ातिलनेकहा
कुछयेमेहंदीनहींमेरीकिछुपाभीसकूँ
ज़ब्तकम-बख़्तनेयाँकेगलाघोंटाहै
किउसेहालसुनाऊँतोसुनाभीसकूँ
नक़्श-ए-पादेखतोलूँलाखकरूँँगासज्दे
सरमिराअर्शनहींहैजोझुकाभीसकूँ
बे-वफ़ालिखतेहैंवोअपनेक़लमसेमुझको
येवोक़िस्मतकालिखाहैजोमिटाभीसकूँ
इसतरहसोएहैंसररखकेमिरेज़ानूपर
अपनीसोईहुईक़िस्मतकोजगाभीसकूँ
  - Ameer Minai
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