jab se bulbul tu ne do tinke li.e | जब से बुलबुल तू ने दो तिनके लिए

  - Ameer Minai
जबसेबुलबुलतूनेदोतिनकेलिए
टूटतीहैंबिजलियाँइनकेलिए
हैजवानीख़ुदजवानीकासिंगार
सादगीगहनाहैइससिनकेलिए
कौनवीरानेमेंदेखेगाबहार
फूलजंगलमेंखिलेकिनकेलिए
सारीदुनियाकेहैंवोमेरेसिवा
मैंनेदुनियाछोड़दीजिनकेलिए
बाग़बाँकलियाँहोंहल्केरंगकी
भेजनीहैएककम-सिनकेलिए
सबहसींहैंज़ाहिदोंकोना-पसंद
अबकोईहूरआएगीइनकेलिए
वस्लकादिनऔरइतनामुख़्तसर
दिनगिनेजातेथेइसदिनकेलिए
सुब्हकासोनाजोहाथआता'अमीर'
भेजतेतोहफ़ामोअज़्ज़िनकेलिए
  - Ameer Minai
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