kis ke chamke chaand se rukhsaar qaisar-baag men | किस के चमके चाँद से रुख़्सार क़ैसर-बाग़ में

  - Ameer Minai
किसकेचमकेचाँदसेरुख़्सारक़ैसर-बाग़में
चाँदनीहैसाया-ए-दीवारक़ैसर-बाग़में
फ़िल-हक़ीक़तयेभीकमगुलज़ार-ए-जन्नतसेनहीं
हूरेंफिरतीहैंसर-ए-बाज़ारक़ैसर-बाग़में
पाँवकायाँज़िक्रकैसासाफ़हैऐसीज़मीं
दिलफिसलतेहैंदम-ए-रफ़्तारक़ैसर-बाग़में
ज़ेर-ए-शाख़-ए-गुलअगरसब्ज़ाकभीसोनेलगा
शोर-ए-बुलबुलनेकियाबेदारक़ैसर-बाग़में
इतनेपत्तेभीहोंगेगुलशन-ए-फ़िरदौसमें
जिसक़दरफूलोंकेहैंअम्बारक़ैसर-बाग़में
तिश्नगान-ए-शौक़हैंशीरीं-लबोंकेमेहमाँ
बटरहाहैशर्बत-ए-दीदारक़ैसर-बाग़में
क़तरेशबनमकेरग-ए-गुलपरदिखातेहैंबहार
गुँधरहेहैंमोतियोंकेहारक़ैसर-बाग़में
साया-ए-बाल-ए-हुमाक्याढूँढताहै'अमीर'
बैठज़ेर-ए-साया-ए-दीवारक़ैसर-बाग़में
  - Ameer Minai
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy