mujh mast ko may ki boo bahut hai | मुझ मस्त को मय की बू बहुत है

  - Ameer Minai
मुझमस्तकोमयकीबूबहुतहै
दीवानेकोएकहूँबहुतहै
मोतीकीतरहजोहोख़ुदा-दाद
थोड़ीसीभीआबरूबहुतहै
जातेहैंजोसब्र-ओ-होशजाएँ
मुझकोदर्दतूबहुतहै
मानिंद-ए-कलीमबढ़दिल
येदर्दकीगुफ़्तुगूबहुतहै
बे-कैफ़होमयतोख़ुमकेख़ुमक्या
अच्छीहोतोइकसुबूबहुतहै
क्यावस्लकीशबमेंमुश्किलेंहैं
फ़ुर्सतकमआरज़ूबहुतहै
मंज़ूरहैख़ून-ए-दिलजोयास
अपनेलिएआरज़ूबहुतहै
नश्तर-ए-ग़महोलाखतन-ए-ख़ुश्क
तेरेदमकोलहूबहुतहै
छेड़ेवोमिज़ातोक्यूँँमैंरोऊँ
आँखोंमेंख़लिशकोमूबहुतहै
ग़ुंचेकीतरहचमनमेंसाक़ी
अपनाहीमुझेसुबूबहुतहै
क्याग़महै'अमीर'अगरनहींमाल
इसवक़्तमेंआबरूबहुतहै
  - Ameer Minai
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy