tira kya kaam ab dil men gham-e-jaanaana aata hai | तिरा क्या काम अब दिल में ग़म-ए-जानाना आता है

  - Ameer Minai
तिराक्याकामअबदिलमेंग़म-ए-जानानाआताहै
निकलसब्रइसघरसेकिसाहिब-ख़ानाआताहै
नज़रमेंतेरीआँखेंसरमेंसौदातेरीज़ुल्फ़ोंका
कईपरियोंकेसाएमेंतिरादीवानाआताहै
वफ़ूर-ए-रहमत-ए-बारीहैमय-ख़्वारोंपेइनरोज़ों
जिधरसेअब्रउठताहैसू-ए-मय-ख़ानाआताहै
लगीदिलकीबुझाएबेकसीमेंकौनहैऐसा
मगरइकगिर्या-ए-हसरतकिबे-ताबानाआताहै
उन्हींसेग़म्ज़ेकरतीहैजोतुझपरजानदेतेहैं
अजलतुझकोभीकितनानाज़-ए-मअशूक़ानाआताहै
परेशानीमेंयेआलमतिरीज़ुल्फ़ोंकादेखाहै
किइकइकबालपरक़ुर्बानहोनेशानाआताहै
छलकजाताहैजाम-ए-उम्रअपनावाए-नाकामी
हमारेमुँहतलकसाक़ीअगरपैमानाआताहै
वोबुतहीमेहरबाँसबअपनाअपनाहालकहतेहैं
लब-ए-ख़ामोशतुझकोभीकोईअफ़्सानाआताहै
तिलिस्म-ए-ताज़ातेरासाया-ए-दीवाररखताहै
बदलताहैपरीकाभेसजोदीवानाआताहै
येअज़्मतरहकेज़ाहिदइनबुतोंमेंहमनेपाईहै
किकाबाहमकोलेनेता-दर-ए-मय-ख़ानाआताहै
दो-रंगीसेनहींख़ालीअदमभीसूरत-ए-हस्ती
कोईहोश्यारआताहैकोईदीवानाआताहै
हुमायूँँउस्तुख़्वान-ए-सोख़्तापरमेरेगिरताहै
तड़पकरशम्अपरजैसेकोईपरवानाआताहै
उधरहैंहुस्नकीघातेंइधरहैंइश्क़कीबातें
तुझेअफ़्सूँतोमुझकोउसेपरीअफ़्सानाआताहै
कलेजाहाथसेअहल-ए-तमअकेचाकहोताहै
सदफ़-आसाअगरमुझकोमुयस्सरदानाआताहै
नमकजल्लादछिड़काचाहताहैमेरेज़ख़्मोंपर
मज़ेकावक़्तअबहिम्मत-ए-मर्दानाआताहै
ज़बरदस्तीकाधड़कावस्लमेंतुमकोसमायाहै
किधरहोहोशमेंआओकोईआयाआताहै
इलाहीकिसकीशम्-ए-हुस्नसेरौशनहैघरमेरा
किबनजाताहैजुगनूआजजोपरवानाआताहै
वो'आशिक़ख़ाल-ओ-ख़तकाहूँनज़्र-ए-मोरकरताहूँ
मुयस्सरतीसरेदिनभीजोमुझकोदानाआताहै
'अमीर'औरआनेवालाकौनहैगोर-ए-ग़रीबाँपर
जोरौशनशम्अहोतीहैतोहाँपरवानाआताहै
  - Ameer Minai
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