chup bhi ho bak raha hai kya waiz | चुप भी हो बक रहा है क्या वाइज़

  - Ameer Minai
चुपभीहोबकरहाहैक्यावाइज़
मग़्ज़रिंदोंकाखागयावाइज़
तेरेकहनेसेरिंदजाएँगे
येतोहैख़ाना-ए-ख़ुदावाइज़
अल्लाहअल्लाहयेकिब्रऔरयेग़ुरूर
क्याख़ुदाकाहैदूसरावाइज़
बे-ख़तामय-कशोंपेचश्म-ए-ग़ज़ब
हश्रहोनेदेदेखनावाइज़
हमहैंक़हत-ए-शराबसेबीमार
किसमरज़कीहैतूदवावाइज़
रहचुकामय-कदेमेंसारीउम्र
कभीमय-ख़ानेमेंभीवाइज़
हज्व-ए-मयकररहाथामिम्बरपर
हमजोपहुँचेतोपीगयावाइज़
दुख़्त-ए-रज़कोबुरामिरेआगे
फिरकहनाकभीसुनावाइज़
आजकरताहूँवस्फ़-ए-मयमैं'अमीर'
देखूँकहताहैइसमेंक्यावाइज़
  - Ameer Minai
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