na be-vafaaii ka dar tha na gham judaai ka | न बे-वफ़ाई का डर था न ग़म जुदाई का

  - Ameer Minai
बे-वफ़ाईकाडरथाग़मजुदाईका
मज़ामेंक्याकहूँआग़ाज़-ए-आश्नाईका
कहाँनहींहैतमाशातिरीख़ुदाईका
मगरजोदेखनेदेरोबकिबरियाईका
वोना-तवाँहूँअगरनब्ज़कोहुईजुम्बिश
तोसाफ़जोड़जुदाहोगयाकलाईका
शब-ए-विसालबहुतकमहैआसमाँसेकहो
किजोड़देकोईटुकड़ाशब-ए-जुदाईका
येजोश-ए-हुस्नसेतंगआईहैक़बाइनकी
किबंदबंदहैख़्वाहाँगिरह-कुशाईका
कमानहाथसेरखसैद-गाह-ए-इरफ़ाँमें
कितीरसैदहैयाँदाम-ए-ना-रसाईका
वोबद-नसीबहूँयारआएमेरेघरतोबने
सिमटकेवस्लकीशबतिलरुख़-ए-जुदाईका
हज़ारोंकाफ़िरमोमिनपड़ेहैंसज्देमें
बुतोंकेघरमेंभीसामानहैख़ुदाईका
तमामहोगएहमपहलेहीनिगाहमेंहैफ़
रातवस्लकीदेखीदिनजुदाईका
नहींहैमोहरलिफ़ाफ़ापेख़तकेक़ासिद
येदाग़हैमिरीक़िस्मतकीना-रसाईका
नक़ाबडालकेआफ़्ताब-ए-हश्रनिकल
ख़ुदासडरयेकहींदिनहैख़ुद-नुमाईका
नहींक़रारघड़ीभरकिसीकेपहलूमें
येज़ौक़हैतिरेनावककोदिलरुबाईका
मरीतरफ़सेकोईजाकेकोहकनसेकहे
नहींनहींयेमहलज़ोर-आज़माईका
कहाजोमैंनेकिमैंख़ाक-ए-राहहूँतेरा
तोबोलेहैअभीपिंदारख़ुद-नुमाईका
जुनूँजोमेरीतरफ़होवोजस्त-ओ-ख़ेज़करूँँ
किदिलहोटूटकेटुकड़ेशिकस्ता-पाईका
'अमीर'रवैय्येअपनेनसीबकोऐसा
किहोसपेदसियहअब्रना-रसाईका
  - Ameer Minai
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