ai zabt dekh ishq kii un ko khabar na ho | ऐ ज़ब्त देख इश्क़ की उन को ख़बर न हो

  - Ameer Minai
ज़ब्तदेखइश्क़कीउनकोख़बरहो
दिलमेंहज़ारदर्दउठेआँखतरहो
मुद्दतमेंशाम-ए-वस्लहुईहैमुझेनसीब
दो-चारसालतकतोइलाहीसहरहो
इकफूलहैगुलाबकाआजउनकेहाथमें
धड़कामुझेयेहैकिकिसीकाजिगरहो
ढूँडेसेभीमअ'नी-ए-बारीकजबमिला
धोकाहुआयेमुझकोकिउसकीकमरहो
उल्फ़तकीक्याउमीदवोऐसाहैबे-वफ़ा
सोहबतहज़ारसालरहेकुछअसरहो
  - Ameer Minai
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy