ऐज़ब्तदेखइश्क़कीउनकोख़बरनहो
दिलमेंहज़ारदर्दउठेआँखतरनहो
मुद्दतमेंशाम-ए-वस्लहुईहैमुझेनसीब
दो-चारसालतकतोइलाहीसहरनहो
इकफूलहैगुलाबकाआजउनकेहाथमें
धड़कामुझेयेहैकिकिसीकाजिगरनहो
ढूँडेसेभीनमअ'नी-ए-बारीकजबमिला
धोकाहुआयेमुझकोकिउसकीकमरनहो
उल्फ़तकीक्याउमीदवोऐसाहैबे-वफ़ा
सोहबतहज़ारसालरहेकुछअसरनहो