junoon kaar-farma hua chahta hai | जुनूँ कार-फ़रमा हुआ चाहता है

  - Altaf Hussain Hali
जुनूँकार-फ़रमाहुआचाहताहै
क़दमदश्तपैमाहुआचाहताहै
दम-ए-गिर्याकिसकातसव्वुरहैदिलमें
किअश्कअश्कदरियाहुआचाहताहै
ख़तआनेलगेशिकवा-आमेज़उनके
मिलापउनसेगोयाहुआचाहताहै
बहुतकामलेनेथेजिसदिलसेहमको
वोसर्फ़-ए-तमन्नाहुआचाहताहै
अभीलेनेपाएनहींदमजहाँमें
अजलकातक़ाज़ाहुआचाहताहै
मुझेकलकेवादेपेकरतेहैंरुख़्सत
कोईवा'दापूराहुआचाहताहै
फ़ुज़ूँतरहैकुछइनदिनोंज़ौक़-ए-इस्याँ
दर-ए-रहमतअबवाहुआचाहताहै
क़लक़गरयहीहैतोराज़-ए-निहानी
कोईदिनमेंरुस्वाहुआचाहताहै
वफ़ाशर्त-ए-उल्फ़तहैलेकिनकहाँतक
दिलअपनाभीतुझसाहुआचाहताहै
बहुतहज़उठाताहैदिलतुझसेमिलकर
क़लक़देखिएक्याहुआचाहताहै
ग़म-ए-रश्ककोतल्ख़समझेथेहमदम
सोवोभीगवाराहुआचाहताहै
बहुतचैनसेदिनगुज़रतेहैं'हाली'
कोईफ़ित्नाबरपाहुआचाहताहै
  - Altaf Hussain Hali
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