hashr tak yaa dil shakeba chahiye | हश्र तक याँ दिल शकेबा चाहिए

  - Altaf Hussain Hali
हश्रतकयाँदिलशकेबाचाहिए
कबमिलेंदिलबरसेदेखाचाहिए
हैतजल्लीभीनक़ाब-ए-रू-ए-यार
उसकोकिनआँखोंसेदेखाचाहिए
ग़ैर-मुमकिनहैहोतासीर-ए-ग़म
हाल-ए-दिलफिरउसकोलिक्खाचाहिए
हैदिल-अफ़गारोंकीदिलदारीज़रूर
गरनहींउल्फ़तमदाराचाहिए
हैकुछइकबाक़ीख़लिशउम्मीदकी
येभीमिटजाएतोफिरक्याचाहिए
दोस्तोंकीभीहोपरवाजिसे
बे-नियाज़ीउसकीदेखाचाहिए
भागएहैंआपकेअंदाज़नाज़
कीजिएइग़्माज़जितनाचाहिए
शैख़हैइनकीनिगहजादूभरी
सोहबत-ए-रिंदाँसेबचनाचाहिए
लगगईचुप'हाली'-ए-रंजूरको
हालइसकाकिससेपूछाचाहिए
  - Altaf Hussain Hali
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy