may-kade men ga.e to kya hogaa | मय-कदे में गए तो क्या होगा

  - Altaf Ahmad Aazmi
मय-कदेमेंगएतोक्याहोगा
दर्ददिलकामिरेसिवाहोगा
जोहुआहैवहीसदाहोगा
बा-वफ़ाहैजोबे-वफ़ाहोगा
तुमकहोवक़्तहैतुम्हारेसाथ
हमकहेंगेतोयेगिलाहोगा
चंदतिनकेअभीहैंदामनमें
फ़स्ल-ए-गुलगईतोक्याहोगा
हमकरेंगेज़रूरज़िक्र-ए-वफ़ा
जानतेहैंकिवोख़फ़ाहोगा
साज़-ए-हस्तीकोसोचकरछेड़ो
एकदिनयेभीबे-सदाहोगा
कामकरताहैरातदिन'अहमद'
होगाक़िस्मतमेंजोलिखाहोगा
  - Altaf Ahmad Aazmi
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