दश्त-दर-दश्तफिराकरताहूँप्यासाहूँमैं
औरदुनियायेसमझतीहैकिदरियाहूँमैं
तंगसहरानज़रआयाहैजोफैलाहूँमैं
होगईहैमिरीतस्वीरजोसिमटाहूँमैं
जुस्तुजूजिसकीसफ़ीनोंकोरहीहैसदियों
दोस्तोमेरेवोबे-नामजज़ीराहूँमैं
किसलिएमुझपेहैयेसुस्त-रवीकाइल्ज़ाम
ज़िंदगीदेखलेख़ुदतेरासरापाहूँमैं
आरज़ूमेरेक़दमकीथीकभीराहोंको
आजलेकिनदिल-ए-इम्काँमेंखटकताहूँमैं
पढ़सकोगरतोखुलेंतुमपेरुमूज़-ए-हस्ती
वक़्तकेहाथमेंइकऐसासहीफ़ाहूँमैं
अंजुमनहूँमैंकभीज़ातसेअपनी'शिबली'
औरमहफ़िलमेंभीरहकरकभीतन्हाहूँमैं