vo masaaf-e-jeest men har mod par tanhaa raha | वो मसाफ़-ए-जीस्त में हर मोड़ पर तन्हा रहा

  - Alqama Shibli
वोमसाफ़-ए-जीस्तमेंहरमोड़परतन्हारहा
फिरभीहोंटोंपरउसकेकोईभीशिकवारहा
जोसदातिश्ना-लबोंकेवास्तेदरियारहा
उम्रभरवोख़ुदब-नाम-ए-दोस्ताँप्यासारहा
अक़्लहैराँहैजुनूँभीदम-ब-ख़ुदहैसोचकर
वोहुजूम-ए-कुश्तगाँमेंकिसतरहज़िंदारहा
फूलनेफलनेकामौक़ातोकहाँउनकोमिला
नीम-जाँपौदोंपेजबतकआपकासायारहा
'अलक़मा-शिबली'हवाकैसीचलीगुलज़ारमें
आशियाँमेंभीपरिंदावक़्तकासहमारहा
  - Alqama Shibli
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