la phir ik baar vahii baada o jaam ai saaqi | ला फिर इक बार वही बादा ओ जाम ऐ साक़ी

  - Allama Iqbal
लाफिरइकबारवहीबादाजामसाक़ी
हाथजाएमुझेमेरामक़ामसाक़ी
तीनसौसालसेहैंहिन्दकेमय-ख़ानेबंद
अबमुनासिबहैतिराफ़ैज़होआमसाक़ी
मेरीमीना-ए-ग़ज़लमेंथीज़रासीबाक़ी
शेख़कहताहैकिहैयेभीहरामसाक़ी
शे'रमर्दोंसेहुआबेश-ए-तहक़ीक़तही
रहगएसूफ़ीमुल्लाकेग़ुलामसाक़ी
इश्क़कीतेग़-ए-जिगर-दारउड़ालीकिसने
इल्मकेहाथमेंख़ालीहैनियामसाक़ी
सीनारौशनहोतोहैसोज़-ए-सुख़नऐन-ए-हयात
होरौशनतोसुख़नमर्ग-ए-दवामसाक़ी
तूमिरीरातकोमहताबसेमहरूमरख
तिरेपैमानेमेंहैमाह-ए-तमामसाक़ी
  - Allama Iqbal
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