dil soz se khaali hai nigah paak nahin hai | दिल सोज़ से ख़ाली है निगह पाक नहीं है

  - Allama Iqbal
दिलसोज़सेख़ालीहैनिगहपाकनहींहै
फिरइसमेंअजबक्याकितूबेबाकनहींहै
हैज़ौक़-ए-तजल्लीभीइसीख़ाकमेंपिन्हाँ
ग़ाफ़िलतूनिरासाहिब-ए-इदराकनहींहै
वोआँखकिहैसुर्मा-ए-अफ़रंगसेरौशन
पुरकारसुख़न-साज़हैनमनाकनहींहै
क्यासूफ़ीमुल्लाकोख़बरमेरेजुनूँकी
उनकासर-ए-दामनभीअभीचाकनहींहै
कबतकरहेमहकूमी-ए-अंजुममेंमिरीख़ाक
यामैंनहींयागर्दिश-ए-अफ़्लाकनहींहै
बिजलीहूँनज़रकोहबयाबाँपेहैमेरी
मेरेलिएशायाँख़स-ओ-ख़ाशाकनहींहै
आलमहैफ़क़तमोमिन-ए-जाँबाज़कीमीरास
मोमिननहींजोसाहिब-ए-लौलाकनहींहै
  - Allama Iqbal
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