kushaada dast-e-karam jab vo be-niyaaz kare | कुशादा दस्त-ए-करम जब वो बे-नियाज़ करे

  - Allama Iqbal
कुशादादस्त-ए-करमजबवोबे-नियाज़करे
नियाज़-मंदक्यूँँआजिज़ीपेनाज़करे
बिठाकेअर्शपेरक्खाहैतूनेवाइ'ज़
ख़ुदावोक्याहैजोबंदोंसेएहतिराज़करे
मिरीनिगाहमेंवोरिंदहीनहींसाक़ी
जोहोशियारीमस्तीमेंइम्तियाज़करे
मुदामगोश-ब-दिलरहयेसाज़हैऐसा
जोहोशिकस्तातोपैदानवा-ए-राज़करे
कोईयेपूछेकिवाइ'ज़काक्याबिगड़ताहै
जोबे-अमलपेभीरहमतवोबे-नियाज़करे
सुख़नमेंसोज़इलाहीकहाँसेआताहै
येचीज़वोहैकिपत्थरकोभीगुदाज़करे
तमीज़-ए-लाला-ओ-गुलसेहैनाला-ए-बुलबुल
जहाँमेंवाकोईचश्म-ए-इम्तियाज़करे
ग़ुरूर-ए-ज़ोहदनेसिखलादियाहैवाइ'ज़को
किबंदगान-ए-ख़ुदापरज़बाँदराज़करे
हवाहोऐसीकिहिन्दोस्ताँसे'इक़बाल'
उड़ाकेमुझकोग़ुबार-ए-रह-ए-हिजाज़करे
  - Allama Iqbal
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