कभीऐहक़ीक़त-ए-मुंतज़रनज़रआलिबास-ए-मजाज़में
किहज़ारोंसज्देतड़परहेहैंमिरीजबीन-ए-नियाज़में
तरब-आशना-ए-ख़रोशहोतोनवाहैमहरम-ए-गोशहो
वोसरोदक्याकिछुपाहुआहोसुकूत-ए-पर्दा-ए-साज़में
तूबचाबचाकेनरखइसेतिराआइनाहैवोआइना
किशिकस्ताहोतोअज़ीज़-तरहैनिगाह-ए-आइना-साज़में
दम-ए-तौफ़किरमक-ए-शम्अनेयेकहाकिवोअसर-ए-कुहन
नतिरीहिकायत-ए-सोज़मेंनमिरीहदीस-ए-गुदाज़में
नकहींजहाँमेंअमाँमिलीजोअमाँमिलीतोकहाँमिली
मिरेजुर्म-ए-ख़ाना-ख़राबकोतिरेअफ़्व-ए-बंदा-नवाज़में
नवोइश्क़मेंरहींगर्मियाँनवोहुस्नमेंरहींशोख़ियाँ
नवोग़ज़नवीमेंतड़परहीनवोख़महैज़ुल्फ़-ए-अयाज़मैं
मैंजोसर-ब-सज्दाहुआकभीतोज़मींसेआनेलगीसदा
तिरादिलतोहैसनम-आश्नातुझेक्यामिलेगानमाज़में