naqsh-bar-aab thii jo daam-o-dirm ne bakshi | नक़्श-बर-आब थी जो दाम-ओ-दिरम ने बख़्शी

  - Ali Minai
नक़्श-बर-आबथीजोदाम-ओ-दिरमनेबख़्शी
ज़ीस्तकोदौलत-ए-नायाबतोग़मनेबख़्शी
अहल-ए-दस्तारअर्बाब-ए-करमनेबख़्शी
इज़्ज़त-ए-नफ़्समुझेलौह-ओ-क़लमनेबख़्शी
आब्यारीहुईआब-ए-गुहरसउसकी
नख़ल-ए-इरफ़ांकोनुमूदीदा-ए-नमनेबख़्शी
वर्नाक्याउनमेंथाइकजज़्बा-ए-हैराँकेसिवा
तेरीआँखोंकोयेगोयाईतोहमनेबख़्शी
उम्रभरहमकोमुयस्सररहीबेताबी-ए-दिल
जोख़ुदानेनहींबख़्शीवोसनमनेबख़्शी
जिसनेपामर्दरखाहमकोसितमगरकेख़िलाफ़
वोअज़ीमतहमेंख़ुदउसकेसितमनेबख़्शी
कितनीबे-फ़ैज़विरासतहैवोतारीख़-ए-ज़ियाँ
जोहमेंचपक़ुलश-ए-दैर-ओ-हरमनेबख़्शी
हर्फ़-ए-ताज़ीसेभीपायाहैबहुतफ़ैज़मगर
मेरेइज़हारकोलयसाज़-ए-अजमनेबख़्शी
  - Ali Minai
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy