harf hooñ apne maani dhoondhta hooñ | हर्फ़ हूँ अपने मआ'नी ढूँढता हूँ

  - Ali Minai
हर्फ़हूँअपनेमआ'नीढूँढताहूँ
मेंहक़ीक़तमेंकहानीढूँढताहूँ
तंगकरतंगी-ए-कौन-ओ-मकाँसे
अपनेअंदरबे-करानीढूँढताहूँ
छानताहूँख़ाकसहरा-ए-अदममें
अपनेहोनेकीनिशानीढूँढताहूँ
मेरीहरजानिबनएचेहरेसजेहैं
अबकोईसूरतपुरानीढूँढताहूँ
माँगताहूँतर्ज़-ए-नौरस्म-ए-कुहनसे
ख़ुश्कदरियामेंरवानीढूँढताहूँ
आरज़ूकेबीचमुट्ठीमेंदबाए
ज़ीस्तकेसहरामेंपानीढूँढताहूँ
हर्फ़कीहिद्दतसेलबजलनेलगेहैं
अबज़बान-ए-बे-ज़बानीढूँढताहूँ
जोसिखादेआश्तीअहल-ए-ज़मींको
वोकिताब-ए-आसमानीढूँढताहूँ
  - Ali Minai
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