raqs karti hai tire noor men zulmat meri | रक़्स करती है तिरे नूर में ज़ुल्मत मेरी

  - Ali Minai
रक़्सकरतीहैतिरेनूरमेंज़ुल्मतमेरी
हूँजुदातुझसेतोहैवहमहक़ीक़तमेरी
तेरेअंदाज़हैंसबसाज़-ओ-सदानिकहत-ओ-रंग
मेराएहसासहीगोयाहैइबादतमेरी
मेरेइज़हारकोदेलहजा-ए-गुलकाए'जाज़
हर्फ़-ए-लाग़रसेसँभलेगीहिकायतमेरी
हुस्न-ए-नादीदाकिसीअक्समेंढलताहीनहीं
रोज़लातीहैनयाआइनाहैरतमेरी
छायाजाताहैग़ुबार-ए-ग़म-ए-दौराँदिलपर
क्यानहींअबग़म-ए-जानाँकोज़रूरतमेरी
दिलहैआईना-ए-अजज़ाए-ए-परेशान-ए-वजूद
या'नीइकसूरत-ए-इदराकहैवहशतमेरी
बे-दिलीपरतोयेआलमहैकिदिलरक़्समेंहै
होग़ज़बरंगपेआएजोतबीअतमेरी
  - Ali Minai
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