शहर-ए-जाँपरजोतिरीयादकालश्करटूटा
एकहमलेमेंहिसार-ए-दिल-ए-ख़ुद-सरटूटा
जैसेइकबर्क़सीलहराईपस-ए-पर्दा-ए-अब्र
जैसेइकचाँदसर-ए-शाख़-ए-सनोबरटूटा
आगयाताबगिरेबान-ए-शफ़क़दस्त-ए-सहाब
बाम-ए-अफ़्लाकपेनाहीदकामहवरटूटा
मेरेसाग़रमेंउतरआयाकिसीशामकाअक्स
मेरीआँखोंमेंकिसीहुस्नकानश्तरटूटा
दिलकीगहराईमेंफिरजागउठाशो'ला-ए-दर्द
मुंजमिदथाजोमिरेग़मकासमुंदरटूटा
दश्त-ए-अय्यामसेलौटीकिसीएहसासकीगूँज
मा'बद-ए-जाँमेंकिसीवहमकापैकरटूटा
फिरपुर-असरारयकायकहुईख़ामोशी-ए-शब
फिरकोईजामकिसीहाथसेगिरकरटूटा
कासनीधूपकेआँसूमिरीआँखोंसेबहे
जैसेइकमहर-ए-दरख़्शाँमिरेअंदरटूटा
ग़ुलमचातेहुएरंगोंकेपरिंदेनिकले
संग-ए-हैरतसेजबआईना-ए-मंज़रटूटा
गुम्बद-ए-गोशमेंगूँजीफिरइकआवाज़-ए-शिकस्त
क्याख़बरयेमिरादिलटूटाकिसाग़रटूटा