ik haseen ko dil de kar kya bataayen kya paaya | इक हसीं को दिल दे कर क्या बताएँ क्या पाया

  - Ali Manzoor Hyderabadi
इकहसींकोदिलदेकरक्याबताएँक्यापाया
लज़्ज़त-ए-फ़नाचक्खीज़ीस्तकामज़ापाया
मंज़िलोंकीसख़्तीकाग़मनहींख़ुशीयेहै
किसहुजूम-ए-हसरतमेंहमनेरास्तापाया
क़द्रउसकीपहचानेंआपयापहचानें
अपनेदिलकोहमनेतोहस्ब-ए-मुद्दआपाया
बे-ख़ुदीकीहसरतक्याबे-सबबमैंकरताथा
केहोशमेंसमझाबे-ख़ुदीमेंक्यापाया
शैख़येतहीसाग़रहाँइसीकोसाक़ीने
मेरेकामकापायायातेरेकामकापाया
हसरतेंसरासीमाहरतरफ़नज़रआईं
कारवान-ए-दिलमैंनेफिरलुटाहुआपाया
मेरीमस्तियाँसमझेंतेरीशोख़ियाँजानें
तूनेक्यालियामुझसेमैंनेतुझसेक्यापाया
सबयेरंग-आमेज़ीहैफ़क़ततख़य्युलकी
क्याबताऊँक्याखोयाक्याजताऊँक्यापाया
पासबैठकरमेरेदेखतेनहींमुझको
उनकीशर्मकोमैंनेसब्र-आज़मापाया
सई-ए-पैहम'मंज़ूर'इसक़द्रनशात-अफ़्ज़ा
ना-उमीदकिससेथेकिससेयेसिलापाया
  - Ali Manzoor Hyderabadi
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