qaid-khaane ki hawa men shor hai aalaam ka | क़ैद-ख़ाने की हवा में शोर है आलाम का

  - Ali Akbar Natiq
क़ैद-ख़ानेकीहवामेंशोरहैआलामका
भेदखुलताक्यूँँनहींदिलतिरेआरामका
फ़ाख़ताएँबोलतीहैंबाजरोंकेदेसमें
तूभीसुनलेआसमाँयेगीतमेरेनामका
ठंडेपानीकेगगनमेंसातवींकाचाँदहै
यागिराहैबर्फ़मेंकिंगरातुम्हारेबामका
कूकताफिरताहैकोईधूपकीगलियोंमेंशख़्स
सुनलियाहैउसनेशायदहालमेरीशामका
  - Ali Akbar Natiq
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