मैंलौह-ए-अर्ज़परनाज़िलहुआसहीफ़ाहूँ
दिलोंपेसब्तहूँपेशानियोंपेलिक्खाहूँ
पुरानीरुतमिरामुज़्दासुनाकेजातीहै
नईरुतोंकेजिलौमेंसदाउतरताहूँ
मैंकौनहूँमुझेसबपूछनेसेडरतेहैं
मैंरोज़एकनएकर्बसेगुज़रताहूँ
मैंएकज़िंदाहक़ीक़तहूँकौनझुटलाए
जोहोंटबंदरहेंआँखसेछलकताहूँ
खुलीहवामेंजोआऊँतोराखबनजाऊँ
अभीमैंज़ेर-ए-ज़मींहूँमगरउबलताहूँ
किसीतरहतोसवेरोंकीआँखखुलजाए
मैंशहरशहरमेंसूरजउठाएचलताहूँ