andheri bastiyaan raushan manaare doob jaayenge | अँधेरी बस्तियाँ रौशन मनारे डूब जाएँगे

  - Ali Akbar Abbas
अँधेरीबस्तियाँरौशनमनारेडूबजाएँगे
ज़मींरोतीरहीतोशहरसारेडूबजाएँगे
झुलसदेंगीजोसहराईहवाएँरेशमीसाए
धुएँकेज़हरमेंरंगींनज़ारेडूबजाएँगे
अभीसेकश्तियाँसबसाहिलोंकीसम्तरुख़मोड़ें
किजबतूफ़ानआयाफिरइशारेडूबजाएँगे
बढ़ेगीउनकीलौकोईअगरसींचेहरारतसे
बरसतीबर्फ़मेंसारेशरारेडूबजाएँगे
यूँँहीपलतेरहेगरहशत-पाइसझीलकीतहमें
किसीदिनसतहपरहँसतेशिकारेडूबजाएँगे
फ़रेब-ए-माह-ओ-अंजुमसेनिकलजाएँतोअच्छाहै
ज़रासूरजनेकरवटलीयेतारेडूबजाएँगे
चटानोंपरकरेंकंदानिशानीअपनेहोनेकी
सुनहरेकाग़ज़ोंकेगोश्वारेडूबजाएँगे
  - Ali Akbar Abbas
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