ta'alluqaat ki garmi na e'tibaar ki dhoop | तअ'ल्लुक़ात की गर्मी न ए'तिबार की धूप

  - Ali Abbas Ummeed
तअ'ल्लुक़ातकीगर्मीए'तिबारकीधूप
झुलसरहीहैज़मानेकोइंतिशारकीधूप
ग़म-ए-हयातकेसाएमुहीबहैंवर्ना
किसेपसंदनहींहैख़याल-ए-यारकीधूप
अभीसेअम्नकीठंडकतलाशकरतेहो
अभीतोचमकीहैयारोसलीब-ओ-दारकीधूप
अलमकीराहगुज़रपरबहुतहीकामआईं
तुम्हारीयादकीशमएँहमारेप्यारकीधूप
कमंदडालदेंसूरजपेआओमिल-जुलकर
अबऔरतेज़होनेदेंरोज़गारकीधूप
लबोंपेमोहरजिगरख़ूँ-चकाँनज़रहैराँ
अबऔरकैसेजलाएगीयेबहारकीधूप
तुम्हारेशहरकीशैदा-ब-दस्तयादोंको
तलाशकरतीरहीदिलकेकोहसारकीधूप
बहुतक़रीबहैंसाएहयात-ए-नौके'उमीद'
बहुतहीजल्दढलेगीअबइंतिज़ारकीधूप
  - Ali Abbas Ummeed
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