ye kis muhim par chale the ham jis men raaste pur-khatr na aa.e | ये किस मुहिम पर चले थे हम जिस में रास्ते पुर-ख़तर न आए

  - Aleena Itrat
येकिसमुहिमपरचलेथेहमजिसमेंरास्तेपुर-ख़तरआए
हमेंनवाज़ावहशतोंनेहमेंजुनूँकेहुनरआए
मुझेबहुततेज़धूपदरकारहैमोहब्बतकेइससफ़रमें
कभीकहींसरपेसायाकरनेकोईघनेराशजरआए
अँधेरीशबकायेख़्वाब-मंज़रमुझेउजालोंसेभररहाहै
तोरातइतनीतवीलहोजाएता-क़यामतसहरआए
जहाँहोंतेरीहीरौनक़ेंऔरतिरेनज़ारेहीचारोंजानिब
उसअंजुमनकापताबतादेजहाँसेमेरीख़बरआए
जोलौटआएकोईसफ़रसेतोफिरमुसाफ़िरकहाँरहावो
वहीमुसाफ़िरहैजोसफ़रमेंहैऔरकभीलौटकरआए
वोआसमानोंमेंरहनेवालासुनेगाइकदिनतिरी'अलीना'
सदाकोअपनीबुलंदरखतूदु'आमेंजबतकअसरआए
  - Aleena Itrat
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy