saare mausam badal ga.e shaayad | सारे मौसम बदल गए शायद

  - Aleena Itrat
सारेमौसमबदलगएशायद
औरहमभीसँभलगएशायद
झीलकोकरकेमाहताबसुपुर्द
अक्सपाकरबहलगएशायद
एकठहरावगयाकैसा
ज़ाविएहीबदलगएशायद
अपनीलौमेंतपाकेहमख़ुदको
मोमबनकरपिघलगएशायद
काँपतीलौक़रारपानेलगी
झोंकेकरनिकलगएशायद
हमहवासेबचारहेथेजिन्हें
उनचराग़ोंसेजलगएशायद
अबकेबरसातमेंभीदिलख़ुशहै
हिज्रकेख़ौफ़टलगएशायद
साफ़होनेलगेसभीमंज़र
अश्कआँखोंसेढलगएशायद
बारिश-ए-संगजैसेबारिश-ए-गुल
सारेपत्थरपिघलगएशायद
वो'अलीना'बदलगयाथाबहुत
इसलिएहमसँभलगएशायद
  - Aleena Itrat
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