khizaan ki zard si rangat badal bhi sakti hai | ख़िज़ाँ की ज़र्द सी रंगत बदल भी सकती है

  - Aleena Itrat
ख़िज़ाँकीज़र्दसीरंगतबदलभीसकतीहै
बहारआनेकीसूरतनिकलभीसकतीहै
जलाकेशम्अअबउठउठकेदेखनाछोड़ो
वोज़िम्मेदारीसेअज़-ख़ुदपिघलभीसकतीहै
हैशर्तसुब्हकेरस्तेसेहोकेशामआए
तोरातउसकोसहरमेंबदलभीसकतीहै
ज़रासँभलकेजलानाअक़ीदतोंकेचराग़
भड़कजाएँकिमसनदयेजलभीसकतीहै
अभीतोचाकपेजारीहैरक़्समिट्टीका
अभीकुम्हारकीनिय्यतबदलभीसकतीहै
येआफ़्ताबसेकहदोकिफ़ासलारक्खे
तपिशसेबर्फ़कीदीवारगलभीसकतीहै
तिरेआनेकीतशरीहकुछज़रूरीनहीं
कितेरेआतेहीदुनियाबदलभीसकतीहै
कोईज़रूरीनहींवोहीदिलकोशादकरे
'अलीना'आपतबीअतबहलभीसकतीहै
  - Aleena Itrat
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