ik muntazir-e-wadaa ki sham'a jali hogii | इक मुंतज़िर-ए-वादा की शम्अ जली होगी

  - Aleem Masroor
इकमुंतज़िर-ए-वादाकीशम्अजलीहोगी
सूरजकेनिकलनेसेक्यारातढलीहोगी
बतलाएँठिकानाक्याछुटेहुएगुलशनमें
गुज़रोगेतोदेखोगेइकशाख़जलीहोगी
बसएकतमन्नाहोजिसकेदिल-ए-वीराँमें
सोचोतोज़राकितनेनाज़ोंकीपलीहोगी
निकलेतिरीमहफ़िलसेतोसाथथाकोई
शायदमिरीरुस्वाईकुछदूरचलीहोगी
कलरातजोमैंगुज़राइकनूरकातड़काथा
'मसरूर'बताओतोवोकिसकीगलीहोगी
  - Aleem Masroor
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy