ban ke saahil ki nigaahon men tamasha ham log | बन के साहिल की निगाहों में तमाशा हम लोग

  - Aleem Afsar
बनकेसाहिलकीनिगाहोंमेंतमाशाहमलोग
नक़्श-ए-पाढूँडरहेहैंसर-ए-दरियाहमलोग
साएछूटेतोपिघलनेलगेफिरधूपमेंजिस्म
काशहोतेकभीख़ुदसेशनासाहमलोग
हमकोनफ़रतहैअँधेरोंसेमगरक्याकीजे
किउजालोंसेभीरखतेनहींरिश्ताहमलोग
कुछनज़रआतानहींजिनमेंधुँदलकोंकेसिवा
करतेरहतेहैंउन्हींख़्वाबोंकेदरवाहमलोग
ज़ेहनपरबारहैआँखोंकामुक़द्दरहैथकन
ख़्वाबअगरदेखतेभीहैंतोअधूराहमलोग
अपनीहीआँखोंसेगिरतेहुएदेखाजिसको
ढूँढतेक्यूँँउसीदीवारकासायाहमलोग
  - Aleem Afsar
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