kuchh chamakta sa tah-e-aab nazar to aa.e | कुछ चमकता सा तह-ए-आब नज़र तो आए

  - Alam Khursheed
कुछचमकतासातह-ए-आबनज़रतोआए
डूबनेकेलिएगिर्दाबनज़रतोआए
कोईता'बीरकीसूरतभीनिकलआएगी
नींदतोआएकभीख़्वाबनज़रतोआए
बंदकमरेकीफ़ज़ाकिसकोभलीलगतीहै
मेरेअतराफ़मेंमहताबनज़रतोआए
दोघड़ीठहरूँकहींमैंभीज़रादमलेलूँ
राहमेंख़ित्ता-ए-शादाबनज़रतोआए
मैंशिकस्ताहूँइधरतूभीशिकस्ताहैउधर
जंगमेंकोईज़फ़र-याबनज़रतोआए
मुश्किलेंघेरकेबैठीहैंमिराघर'आलम'
अबज़राहल्क़ा-ए-अहबाबनज़रतोआए
  - Alam Khursheed
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