har ghar men koi tah-kh | हर घर में कोई तह-ख़ाना होता है

  - Alam Khursheed
हरघरमेंकोईतह-ख़ानाहोताहै
तह-ख़ानेमेंइकअफ़्सानाहोताहै
किसीपुरानीअलमारीकेख़ानोंमें
यादोंकाअनमोलख़ज़ानाहोताहै
रातगएअक्सरदिलकेवीरानोंमें
इकसाएकाआनाजानाहोताहै
बढ़तीजातीहैबेचैनीनाख़ुनकी
जैसेजैसेज़ख़्मपुरानाहोताहै
दिलरोताहैचेहराहँसतारहताहै
कैसाकैसाफ़र्ज़निभानाहोताहै
ज़िंदारहनेकीख़ातिरइनआँखोंमें
कोईकोईख़्वाबसजानाहोताहै
तन्हाईकाज़हरतोवोभीपीतेहैं
जिनलोगोंकेसाथज़मानाहोताहै
सहरासेबस्तीमेंकरभेदखुला
दिलकेअंदरहीवीरानाहोताहै
सरमस्तीमेंयादनहींरखताकोई
बज़्मसेउठकरवापसजानाहोताहै
  - Alam Khursheed
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