zakham dekhe na mire zakham ki shiddat dekhe | ज़ख़्म देखे न मिरे ज़ख़्म की शिद्दत देखे

  - Akram Mahmud
ज़ख़्मदेखेमिरेज़ख़्मकीशिद्दतदेखे
देखनेवालामिरीआँखोंकीहैरतदेखे
मुझपेआसाँहैकहेलफ़्ज़काईफ़ाकरना
उसकोमुश्किलहैतोवोअपनीसुहूलतदेखे
दिललिएजाताहैफिरकू-ए-मलामतकीतरफ़
आँखकोचाहिएफिरख़्वाब-ए-हज़ीमतदेखे
कोईसूरतहोकिइंकारसेपहलेकर
किसक़दरउसकीयहाँपरहैज़रूरतदेखे
दिलतज़ब्ज़ुबमेंहीरहताहैब-वक़्त-ए-पैमाँ
लफ़्ज़देखेकिरुख़-ए-यारकीरंगतदेखे
आँखभरजातीहैइसकसरत-ए-नज़्ज़ारासे
दिलतोहरशक्लमेंबसएकशबाहतदेखे
  - Akram Mahmud
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