zaraa si der thii bas ik diya jalana tha | ज़रा सी देर थी बस इक दिया जलाना था

  - Akhtar Shumar
ज़रासीदेरथीबसइकदियाजलानाथा
औरइसकेबादफ़क़तआँधियोंकोआनाथा
मैंघरकोफूँकरहाथाबड़ेयक़ीनकेसाथ
कितेरीराहमेंपहलाक़दमउठानाथा
वगरनाकौनउठातायेजिस्मजाँकेअज़ाब
येज़िंदगीतोमोहब्बतकाइकबहानाथा
येकौनशख़्समुझेकिर्चियोंमेंबाँटगया
येआइनातोमिराआख़िरीठिकानाथा
पहाड़भाँपरहाथामिरेइरादेको
वोइसलिएभीकितेशामुझेउठानाथा
बहुतसँभालकेलायाहूँइकसितारेतक
ज़मीनपरजोमिरेइश्क़काज़मानाथा
मिलातोऐसेकिसदियोंकीआशनाईहो!
तआरुफ़उससेभीहालाँकिग़ाएबानाथा
मैंअपनीख़ाकमेंरखताहूँजिसकोसदियोंसे
येरौशनीभीकभीमेराआस्तानाथा
मैंहाथहाथोंमेंउसकेदेसकाथा'शुमार'
वोजिसकीमुट्ठीमेंलम्हाबड़ासुहानाथा
  - Akhtar Shumar
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