vo jis ka aks lahu ko jaga diya karta | वो जिस का अक्स लहू को जगा दिया करता

  - Akhtar Shumar
वोजिसकाअक्सलहूकोजगादियाकरता
मैंख़्वाबख़्वाबमेंउसकोसदादियाकरता
क़रीबआतीजोतारीख़उसकेमिलनेकी
वोअपनेवादेकीमुद्दतबढ़ादियाकरता
मैंज़िंदगीकेसफ़रमेंथामश्ग़लाउसका
वोढूँडढूँडकेमुझकोगँवादियाकरता
उसेसमेटतामैंजबभीएकनुक़्तेमें
वोमेरेध्यानमेंतितलीउड़ादियाकरता
उसीकेगाँवकीराहोंमेंबैठकरहररोज़
मैंदिलकाहालहवाकोसुनादियाकरता
मुझेवोआँखमेंरखकर'शुमार'पिछलीशब
अजबख़ुमारमेंपलकेंगिरादियाकरता
छेड़मुझकोज़मानावोऔरथाजिसमें
फ़क़ीरगालीकेबदलेदु'आदियाकरता
  - Akhtar Shumar
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