khwaahish-e-jaada-e-raahat se nikalta kaise | ख़्वाहिश-ए-जादा-ए-राहत से निकलता कैसे

  - Akhtar Shumar
ख़्वाहिश-ए-जादा-ए-राहतसेनिकलताकैसे
दिलमिराकू-ए-मलामतसेनिकलताकैसे
साया-ए-वहम-ओ-गुमाँचारतरफ़फैलाहै
मैंअभीकर्ब-ओ-अज़िय्यतसेनिकलताकैसे
मेरीरुस्वाईअगरसाथदेतीमेरा
यूँँसर-ए-बज़्ममैंइज़्ज़तसेनिकलताकैसे
मेरीनज़रेंजोपड़तींतोवहाँपिछलीशब
इकसितारासातिरीछतसेनिकलताकैसे
मैंकिबर्बादहुआदीदकीख़ातिरजिसकी
वोमिरेदीदा-ए-हैरतसेनिकलताकैसे
उसकेदमहीसेतोक़ाएमहैमिराजाह-ओ-जलाल
वोमिरेदिलकीहुकूमतसेनिकलताकैसे
जागबैठाहूँतोदिलडूबानहींहै'अख़्तर'
सोयारहतातोमुसीबतसेनिकलताकैसे
  - Akhtar Shumar
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