हमारेहाथमेंकबसाग़र-ए-शराबनहीं
हमारेक़दमोंपेकिसरोज़माहताबनहीं
जहाँमेंअबकोईसूरतपए-सवाबनहीं
वोमय-कदेनहींसाक़ीनहींशराबनहीं
शब-ए-बहारमेंज़ुल्फ़ोंसेखेलनेवाले
तिरेबग़ैरमुझेआरज़ू-ए-ख़्वाबनहीं
चमनमेंबुलबुलेंऔरअंजुमनमेंपरवाने
जहाँमेंकौनग़म-ए-इश्क़सेख़राबनहीं
ग़म,आहइश्क़केग़मकाकोईनहींमौसम
बहारहोकिख़िज़ाँकबयेइज़्तिराबनहीं
उमीद-ए-पुर्सिश-ए-अहवालहोतोक्यूँँकरहो
सलामकाभीतिरीबज़्ममेंजवाबनहीं
वतनकाछेड़दियाकिसनेतज़्किरा'अख़्तर'
किचश्म-ए-शौक़कोफिरआरज़ू-ए-ख़्वाबनहीं