dil-e-shikasta hareef-e-shabaab ho na sakaa | दिल-ए-शिकस्ता हरीफ़-ए-शबाब हो न सका

  - Akhtar Shirani
दिल-ए-शिकस्ताहरीफ़-ए-शबाबहोसका
येजाम-ए-ज़र्फ़नवाज़-ए-शराबहोसका
कुछऐसेरहमकेक़ाबिलथेइब्तिदाहीसेहम
किउनसेभीसितम-ए-बे-हिसाबहोसका
नज़रआयाकभीशबकोउनकाजल्वा-ए-रुख़
येआफ़्ताबकभीमाहताबहोसका
निगाह-ए-फ़ैज़सेमहरूमबरतरीमा'लूम
सिताराचमकामगरआफ़्ताबहोसका
हैजामख़ालीतोफीकीहैचाँदनीकैसी
येसैल-ए-नूरसितमहैशराबहोसका
येमयछलककेभीउसहुस्नकोपहुँचसकी
येफूलघुलकेभीउसकाशबाबहोसका
किसीकीशोख़-नवाईकाहोशथाकिसको
मैंना-तवाँतोहरीफ़‌‌‌‌-ए-ख़िताबहोसका
हूँतेरेवस्लसेमायूसइसक़दरगोया
कभीजहाँमेंकोईकामयाबहोसका
वोपूछतेहैंतिरेदिलकीआरज़ूक्याहै
येख़्वाबहाएकभीमेराख़्वाबहोसका
तलाश-ए-मा'नी-ए-हस्तीमेंफ़ल्सफ़ाख़िरद
येराज़आजतलकबे-हिजाबहोसका
शराब-ए-इश्क़मेंऐसीकशिशसीथी'अख़्तर'
किलाखज़ब्तकियाइज्तिनाबहोसका
  - Akhtar Shirani
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