ai dil vo aashiqi ke fasaane kidhar ga.e | ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए

  - Akhtar Shirani
दिलवोआशिक़ीकेफ़सानेकिधरगए
वोउम्रक्याहुईवोज़मानेकिधरगए
वीराँहैंसहनबाग़बहारोंकोक्याहुआ
वोबुलबुलेंकहाँवोतरानेकिधरगए
हैनज्दमेंसुकूतहवाओंकोक्याहुआ
लैलाएँहैंख़मोशदिवानेकिधरगए
उजड़ेपड़ेहैंदश्तग़ज़ालोंपेक्याबनी
सूनेहैंकोहसारदिवानेकिधरगए
वोहिज्रमेंविसालकीउम्मीदक्याहुई
वोरंजमेंख़ुशीकेबहानेकिधरगए
दिनरातमय-कदेमेंगुज़रतीथीज़िंदगी
'अख़्तर'वोबे-ख़ुदीकेज़मानेकिधरगए
  - Akhtar Shirani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy