hazeen hai bekas-o-ranjoor hai dil | हज़ीं है बेकस-ओ-रंजूर है दिल

  - Akhtar Shirani
हज़ींहैबेकस-ओ-रंजूरहैदिल
मोहब्बतपरमगरमजबूरहैदिल
तुम्हारेनूरसेमा'मूरहैदिल
अजबक्याहैकिरश्क-ए-तूरहैदिल
तुम्हारेइश्क़सेमसरूरहैदिल
अभीतकमस्तहैमख़मूरहैदिल
कियाहैयादउसयाद-ए-जहाँने
इलाहीकिसक़दरमसरूरहैदिल
बहुतचाहाजाएँतेरेदरपर
मगरक्याकीजिएमजबूरहैदिल
फ़क़ीरीमेंउसेहासिलहैशाही
तुम्हारेइश्क़परमग़रूरहैदिल
तिरेजल्वेकाहैजिसदिनसेमस्कन
जवाब-ए-जल्वा-गाह-ए-तूरहैदिल
दो-आलमकोभुलादेंक्यूँँ'अख़्तर'
किउसकीयादसेमा'मूरहैदिल
  - Akhtar Shirani
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