aao be-parda tumhein jalwa-e-pinhan ki qasam | आओ बे-पर्दा तुम्हें जल्वा-ए-पिन्हाँ की क़सम

  - Akhtar Shirani
आओबे-पर्दातुम्हेंजल्वा-ए-पिन्हाँकीक़सम
हमछेड़ेंगेहमेंज़ुल्फ़-ए-परेशाँकीक़सम
चाक-ए-दामाँकीक़समचाक-ए-गरेबाँकीक़सम
हँसनेवालेतुझेइसहाल-ए-परेशाँकीक़सम
मेरेअरमानसेवाक़िफ़नहींशरमाएँगेआप
आपक्यूँँखातेहैंनाहक़मिरेअरमाँकीक़सम
नींदआएकभीतुझसेबिछड़करज़ालिम
अपनीआँखोंकीक़समतेरेशबिस्ताँकीक़सम
लब-ए-जानाँपेफ़िदाआरिज़-ए-जानाँकेनिसार
शाम-ए-रंगींकीक़समसुब्ह-ए-दरख़्शाँकीक़सम
आजतकसुब्ह-ए-वतनयादहैहमको'अख़्तर'
दर्द-ए-हिज्राँकीक़समशाम-ए-ग़रीबाँकीक़सम
  - Akhtar Shirani
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