hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Swapnil Tiwari
har ek neend ko parakh raha hooñ main
har ek neend ko parakh raha hooñ main | हर एक नींद को परख रहा हूँ मैं
- Swapnil Tiwari
हर
एक
नींद
को
परख
रहा
हूँ
मैं
तुम्हारे
एक
ख़्वाब
का
जला
हुआ
- Swapnil Tiwari
Download Sher Image
ये
आरज़ू
भी
बड़ी
चीज़
है
मगर
हमदम
विसाल-ए-यार
फ़क़त
आरज़ू
की
बात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
24 Likes
कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
Send
Download Image
38 Likes
तसव्वुर
में
भी
अब
वो
बे-नक़ाब
आते
नहीं
मुझ
तक
क़यामत
आ
चुकी
है
लोग
कहते
हैं
शबाब
आया
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
24 Likes
माना
कि
सब
के
सामने
मिलने
से
है
हिजाब
लेकिन
वो
ख़्वाब
में
भी
न
आएँ
तो
क्या
करें
Akhtar Shirani
Send
Download Image
21 Likes
ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
Send
Download Image
24 Likes
मेरे
हाथों
में
कुछ
गुलाब
तो
हैं
जो
न
मुमकिन
रहे
वो
ख़्वाब
तो
हैं
Shaista mufti
Send
Download Image
25 Likes
भरे
हुए
जाम
पर
सुराही
का
सर
झुका
तो
बुरा
लगेगा
जिसे
तेरी
आरज़ू
नहीं
तू
उसे
मिला
तो
बुरा
लगेगा
ये
आख़िरी
कंपकंपाता
जुमला
कि
इस
तअ'ल्लुक़
को
ख़त्म
कर
दो
बड़े
जतन
से
कहा
है
उस
ने
नहीं
किया
तो
बुरा
लगेगा
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
61 Likes
रात
भर
उन
का
तसव्वुर
दिल
को
तड़पाता
रहा
एक
नक़्शा
सामने
आता
रहा
जाता
रहा
Akhtar Shirani
Send
Download Image
33 Likes
न
सिर्फ़
ये
कि
जहन्नुम
ख़िताब
में
भी
नहीं
अली
के
मानने
वालों
के
ख़्वाब
में
भी
नहीं
Muzdum Khan
Send
Download Image
27 Likes
हर
एक
शख़्स
यहाँ
महव-ए-ख़्वाब
लगता
है
किसी
ने
हम
को
जगाया
नहीं
बहुत
दिन
से
Azhar Iqbal
Send
Download Image
31 Likes
Read More
ये
जो
मुसलसल
हँसते
हो
क्यूँ
हँसते
हो
तुम
यूँँ
भी
ख़ुश
लगते
हो
क्यूँ
हँसते
हो
छत
से
नीचे
देख
के
क्यूँँ
होते
हो
ख़ुश
जब
तुम
रस्सी
देखते
हो,
क्यूँ
हँसते
हो
कोई
जो
पूछे
हाल
तो
कहते
हो
‘अच्छा
हूँ’
गर
तुम
सचमुच
अच्छे
हो,
क्यूँ
हँसते
हो
Read Full
Swapnil Tiwari
Download Image
3 Likes
अक्सर
साँसें
रोक
के
सुनता
रहता
हूँ
उस
के
लम्स
बदन
पर
धड़का
करते
हैं
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
42 Likes
तुम्हारा
ख़्वाब
भी
आए
तो
नींद
पूरी
हो
मैं
सो
तो
जाऊँगा
नींद
आने
की
दवा
लेकर
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
27 Likes
उतरा
उतरा
तो
यूँँ
चेहरा
न
घड़ी
का
होता
ज़ायक़ा
वक़्त
का
थोड़ा
भी
जो
मीठा
होता
रात
इक
रोज़
तो
मेले
में
निकलती
अपने
चाँद
इक
शाम
तो
पानी
का
बताशा
होता
तब
मुझे
सब
ही
समझते
तिरा
जोगी
जानाँ
मेरे
माथे
पे
अगर
हिज्र
का
टीका
होता
Read Full
Swapnil Tiwari
Download Image
1 Like
हवा
बातों
की
जो
चलने
लगी
है
सो
इक
अफ़्वाह
भी
उड़ने
लगी
है
हम
आवाज़ों
से
ख़ाली
हो
रहे
हैं
ख़ला
में
हूक
सी
उठने
लगी
है
कहाँ
रहता
है
घर
कोई
भी
ख़ाली
इन
आँखों
में
नमी
रहने
लगी
है
हुई
बालिग़
मिरी
तन्हाई
आख़िर
किसी
की
आरज़ू
करने
लगी
है
मुसलसल
रौशनी
की
बारिशों
से
नज़र
में
काई
सी
जमने
लगी
है
Read Full
Swapnil Tiwari
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Duniya Shayari
Mohabbat Shayari
Shehar Shayari
Khwab Shayari
Falak Shayari