sar men sauda-e-wafa rakhte hain | सर में सौदा-ए-वफ़ा रखते हैं

  - Akhtar Saeed Khan
सरमेंसौदा-ए-वफ़ारखतेहैं
हमभीइसअहदमेंक्यारखतेहैं
वास्ताजिसकातिरेग़मसेहो
हमवोहरकामउठारखतेहैं
बिनखिलीएककलीपहलूमें
हमभीबाद-ए-सबारखतेहैं
बुत-कदेवालोतुम्हेंकुछबोलो
वोतोचुपहैंजोख़ुदारखतेहैं
ग़ैरत-ए-इश्क़कोईराहनिकाल
ज़ुल्मवोसबपेरवारखतेहैं
क्यासलीक़ाहैसितमगारीका
रुख़पेदामान-ए-हयारखतेहैं
चारा-साज़ान-ए-ज़मानादिल
ज़हरदेतेहैंदवारखतेहैं
नग़्मा-ए-शौक़होयानाला-ए-दिल
दर्द-मंदानासदारखतेहैं
दिलकीता'मीरकोढाकर'अख़्तर'
वोमोहब्बतकीबिनारखतेहैं
  - Akhtar Saeed Khan
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